9 हिंदी स्पर्श

धूल

रामविलासशर्मा

NCERT解决方案

第2部分

निम्नलिखितप्रश्नोंकेउत्तरएकदोपंक्तियोंमेंदीजिए

问题1:लेखक”बालकृष्ण”केमुँहपरछाईगोधूलिकोश्रेष्ठक्योंमानताहै吗?

उत्तर:लेखककेअनुसारजिसकाबचपनगाँवमेंबीताहोउसेधूलकेमहत्वकामतलबमालूमहोताहै।धूल या मिट्टी से ही हर चीज बनती है;जैसेकिहमाराशरीरक्योंकिइसकेसारेअवयव्मिट्टीसेहीआतेहैं।इसलिएकोईअपनेचेहरेपरमेकअपकेकितनेभीसाधनक्योंनलगालें,किसीशिशुकेमुखपरलगीधूलकेआगेसभीबेकारहैं।इसलिएलेखकबालकृष्णकेमुँहपरछाईगोधूलिकोश्रेष्ठमानताहै।

问题2:लेखकनेधूलऔरमिट्टीमेंक्याअंतरबतायाहै吗?

उत्तर:लेखककामाननाहैकिमिट्टीऔरधूलमेंवहीअंतरहैजोशब्दऔररसमें,देहऔरप्राणमें,चाँदऔरचाँदनीमें।बिना रस के हम शब्द की कल्पना नहीं कर सकते हैं।बिना प्राण के यह देह बेकार हो जाता है।बिना चाँदनी के चाँद की सुंदरता चली जाती है।उसीतरहबिनाधूलकेमिट्टीकाकोईअस्तित्वहीनहींहै।

问题3:ग्रामीणपरिवेशमेंप्रकृतिधूलकेकौन——कौनसेसुंदरचित्रप्रस्तुतकरतीहै吗?

उत्तर:ग्रामीणपरिवेशमेंप्रकृतिधूलकेतरहतरहकेचित्रप्रस्तुतकरतीहै।जबपेड़ोंकेझुरमुटसेछनकरसूर्यकीकिरणआतीहैतोउसमेंमिलीहुईधूलसोनाबनजातीहै।सूर्यास्तकेबादगाड़ियोंकेनिकलनेसेपीछेबनेधूलकेगुबारकासौंदर्यदेखतेहीबनताहै।चांदनीरातमेंजबगाड़ियोंकाकाफिलाचलताहैतोउसकेपीछेधूलकेबादलगजबकीछटादेतेहैं।इसप्रकारकासौंदर्यशहरकेमाहौलमेंदेखनेकोनहींमिलताहै।

问题4:“हीरावहीघनचोटनटूटे”——कासंदर्भपाठकेआधारपरस्पष्टकीजिए।

उत्तर:हीराइतनाकठोरहोताहैकिबहुतजोरकीचोटलगनेसेभीनहींटूटताहै।इसीतरहगाँवकेलोग,खासकरकिसानबहुतमजबूतहोतेहैं।इसलिए लेखक ने उनके लिए हीरे की उपमा दी है।

问题5:धूल,धूलि,धूली,धूरिऔरगोधूलिकीव्यंजनाओंकोस्पष्टकीजिए।

उत्तर:धूल,धूलि,धूली,धूरि,गोधूलि,आदिकेअलगअलगमतलबहैं।धूल जीवन का यथार्थ है।धूलि जीवन की कविता है।धूलीजीवनकाछायावादीदर्शनहै,जिसकीवास्तविकतासंदिग्धहै।धूरि लोक-संस्कृति का नवीन जागरण है।गोधूलि गाँव की संपत्ति है जो शहर में दुर्लभ है।इन सबका रंग एक ही है;भले ही उनके रूप अलग-अलग हों।मिट्टीअलग——अलगरंगोंकीहोतीहैलेकिनधूलकानामआतेहीउजलेरंगकाध्यानआताहै।

问题6:' धूल ' पाठ का मूल भाव स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:इसपाठमेंधूलकेमहत्वऔरउसकीसार्थकताकोसमझायागयाहै।साथमेंयहभीबतायागयाहैकिकिसतरहसेआधुनिकसभ्यताकेपक्षधरधूलकेअस्तित्वकोनकारनेकीअसफलकोशिशकरतेहैं।धूल के बिना हमारा जीवन संभव नहीं है।धूलकिसीहीरेकीतरहहीअजरअमरहै,जबकिकईलोगकाँचकीझूठीचमककेचक्करमेंहीरेकेअस्तित्वकोनकारदेतेहैं।

问题7:कविताकोविडंबनामानतेहुएलेखकनेक्याकहाहै吗?

उत्तर:किसीप्रकाशकनेनिमंत्रणमेंलोगोंसेगोधूलिवेलामेंआनेकाआग्रहकियाथा।शायदवहइसबातसेअनभिज्ञथाकिधूलधक्कड़सेभरेशहरमेंगोधूलिकाकोईअस्तित्वनहींहोता।गोधूलितोगाँवकीनैसर्गिकसुंदरताकाएकअहमहिस्साहोतीहै।इसलिएनिमंत्रणमेंलिखीपंक्तिकोलेखकनेकविताकीविडंबनाकहाहै।

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए:

问题1:फूलकेऊपरजोरेणुउसकाश्रृंगारबनतीहै,वहीधूलशिशुकेमुँहपरउसकीसहजपार्थिवताकोनिखारदेतीहै।

उत्तर:इसपंक्तिमेंलेखकनेधूलकीमहत्ताकावर्णनकियाहै।जबधूलकणफूलकीपंखुड़ियोंकेऊपरपड़तेहैंतोअपनीचमकसेफूलकेसौंदर्यमेंचारचाँदलगादेतेहैं।वहीधूलजबकिसीशिशुकेमुँहसेलगजातीहैतोशिशुकीसुंदरताबढ़जातीहै।

问题2:“धन्य——धन्यवेहैंनरमैलेजोकरतगातकनियालगायधूरिऐसेलरिकानकी”——लेखकइनपंक्तियोंद्वाराक्याकहनाचाहताहै吗?

उत्तर:इनपंक्तियोंद्वारालेखकउसव्यक्तिकीमानसिकताकोबतारहाहैजिसनेयहपंक्तियाँलिखीहै।धन्य——धन्यकहकरएकओरतोवहअपनाबड़प्पनदिखारहाहैलेकिनमैलेकहकरवहअपनीमानसिकसंकीर्णतादिखारहाहै।लरिकानशब्दकाउपयोगकरकेकविनेअभिजातऔरग्रामीणलोगोंकेबीचभेदभावकोजाहिरकियाहै।यहवहआदमीहैजिसेहीरोंसेतोप्यारहैलेकिनधूलभरेहीरोंसेनहीं।ऐसेलोगोंकोकाँचकेगुलदस्तेमेंलगेकागजकेफूलशायदअधिकमोहितकरपातेहोंगे।

问题3:मिट्टीऔरधूलमेंअंतरहै,लेकिनउतनाही,जितनाशब्दऔररसमें,देहऔरप्राणमें,चाँदऔरचाँदनीमें।

उत्तर:लेखककामाननाहैकिमिट्टीऔरधूलमेंवहीअंतरहैजोशब्दऔररसमें,देहऔरप्राणमें,चाँदऔरचाँदनीमें।बिना रस के हम शब्द की कल्पना नहीं कर सकते हैं।बिना प्राण के यह देह बेकार हो जाता है।बिना चाँदनी के चाँद की सुंदरता चली जाती है।उसीतरहबिनाधूलकेमिट्टीकाकोईअस्तित्वहीनहींहै।

问题4:हमारीदेशभक्तिधूलकोमाथेसेनलगाएतोकमसेकमउसपरपैरतोरखे।

उत्तर:मातृभूमि की मिट्टी अनमोल होती है।जरूरीनहींकिआपइसकेप्रतिसम्मानदिखानेकेलिएइसेमाथेसेलगाएँ।लेकिनयहजरूरीहैकिआपउसमिट्टीपरअपनेपैरजमाएँरखेंऔरहवामेंनउड़ें।

问题5:वेउलटकरचोटभीकरेंगेऔरतबकाँचऔरहीरेकाभेदजाननाबाकीनरहेगा।

उत्तर:हीरासबसेकठोरपदार्थमानाजाताहैइसलिएइसकीचिरायुजगजाहिरहै।काँचचाहेकितनाभीचमकीलाक्योंनहो,वहक्षणभंगुरहोताहै।काँचकोकाटनेकेलिएहीरेकाइस्तेमालहोताहैलेकिनहीरेकोहीराहीकाटसकताहै।जबकठिनपरीक्षाकीघड़ीआतीहैतबअसलीहीरेकीपहचानहोतीहै।


Baidu
map